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कदम यूँ ही डगमगा….

कदम यूँ ही डगमगा गए रास्ते में,

वैसे संभालना हम भी जानते थे,

लेकिन ठोकर भी लगी तो उसी पत्थर से,

जिसे हम अपना मानते थे…..!!

 

Kadam yu hi dagmaga gaye raste me,

Vese sambhalna ham bhi jante the,

Lakin thokar bhi lagi to usi pathar se,

Jise ham apna mante the…!!

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किसी की याद में…

किसी की याद में रोते नहीं हम,

हमें चुपचाप जलना आ गया,

गुलाबो को तुम अपने पास ही रखो,

हमें काँटों पै चलना आ गया….!!

 

Kisi ki yaad me rote nahi ham,

Hame chupchap jalna aa gaya,

Gulabo ko tum apne paas hi rakho,

Hame kanto pe chalna aa gaya…..!!

 

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तुम्हें पहली बार देखकर…

तुम्हें पहली बार देखकर जो आँखें मुस्कुराई थी,

पता नहीं क्यूँ आज तुम्हें देखते ही भीग जाती है….!!

 

Tumhe pahli baar dekhkar jo aankhe muskrai thi,

Pata nahi kyu aaj tumhe dekhte hi bhig jati he…..!!

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बोतल पे बोतल पीने….

बोतल पे बोतल पीने से क्या फायदा, मेरे दोस्त,

रात गुजरेगी तो उतर जाएगी…..!

पीना है तो सिर्फ एक बार किसी की बेवफाई पियो,

प्यार की कसम, उम्र सारी नशें में गुजर जाएगी…..!!