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औकात की बात मत……

औकात की बात मत कर पगली…! 

हम जिस गली में पैर रखते हैं, 

वहाँ की लड़कियां अक्सर कहती हैं, 

बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है।

 

Oukat ki baat mat kar pagli….!

Ham jis gali me pair rakhte he, 

Vaha ki ladkiya aaksar kahti he, 

Baharo ful barsao mera mahbub aaya he!

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आँसुओं से जिनकी….

आँसुओं से जिनकी आँखें नम नहीं, 

क्या समझते हो कि उन्हें कोई गम नहीं? 

तड़प कर रो दिए गर तुम तो क्या हुआ,

गम छुपा कर हँसने वाले भी कम नहीं…..।।

 

Aansuo se jinki aakhe nam nahi, 

Kya samjhte ho ki unhe koi gam nahi?

Tadap kar ro diye gar tum to kya hua, 

Gam chupa kar hanse wale bhi kam nahi…..।। 

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सपनों की दुनिया में….

सपनों की दुनिया में हम खोते चले गए, 

मदहोश न थे पर मदहोश होते चले गए, 

ना जाने क्या बात थी उस चेहरे में, 

ना चाहते हुए भी उसके होते चले गए……।।

 

Sapno ki duniya me ham khote chale gaye, 

Madhosh n the par madhosh hote chale gaye, 

Na jane kya baat thi us chehre me, 

Na chahte hue bhi uske hote chale gaye….।।

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तेरे हर गम को…..

तेरे हर गम को अपनी रूह में उतार लूँ,

ज़िन्दगी अपनी तेरी चाहत में संवार लूँ,

मुलाकात हो तुझसे कुछ इस तरह मेरी,

सारी उम्र बस एक मुलाकात में गुज़ार लूँ।

 

Tre har gam ko apni ruh me utar lu,

Jindagi apni teri chahat me sanwar lu,

Mulakat ho tujhse kuch is tarah meri,

Sari umar bas ek mulakat me gujar lu…..!!

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मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर….

मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुन कर,

तेरे नाम से इतनी मोहब्बत है तो सोच तुझसे कितनी होगी….!!

 

Muskura jata hu aaksar gusse me bhi tera naam sun kar, 

Tere naam se itani mohabbat he to soch tujhse kitni hogi….!!